Central Samvad रायपुर, 26 सितंबर 2026
देश आज महान समाज सुधारक और शिक्षाविद् ईश्वर चंद्र विद्यासागर की 207वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। 26 सितंबर 1820 को पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले के बीरसिंह में जन्मे विद्यासागर ने अपना जीवन शिक्षा और सामाजिक सुधार के लिए समर्पित किया।

उन्होंने महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और हिंदू विधवा पुनर्विवाह के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों के बाद 1856 में हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम लागू हुआ।
उन्होंने बाल विवाह और बहुविवाह के विरोध में भी काम किया तथा लड़कियों की शिक्षा के लिए विद्यालय स्थापित करने में योगदान दिया।शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया और बंगाली गद्य को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उनकी प्रसिद्ध रचना ‘वर्ण परिचय’ बंगाली बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण प्राथमिक ग्रंथ बनी।

