Central Samvadरायपुर, 24 जून 2026
छत्तीसगढ़ सरकार के “मोर गाँव मोर पानी” अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए धमतरी जिले के धमतरी और कुरूद विकासखंडों में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर द्वारा हाइड्रोजियोलॉजिकल सर्वे कराया जाएगा।
इस वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से भू-जल की वास्तविक स्थिति, जल स्तर में बदलाव और वर्षा जल संरक्षण की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।धमतरी विकासखंड को क्रिटिकल और कुरूद को सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में जल संकट के स्थायी समाधान के लिए एनआईटी रायपुर की विशेषज्ञ टीम चयनित गांवों का सर्वे कर भू-जल पुनर्भरण के लिए उपयुक्त संरचनाओं की पहचान करेगी और उनकी तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेगी।

अध्ययन के आधार पर मनरेगा तथा अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के तहत जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। विशेष रूप से उन गांवों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो हर वर्ष गर्मियों में जल संकट का सामना करते हैं।
राज्य सरकार का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संरक्षण कर ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीकी सहयोग से जल संरक्षण कार्य अधिक प्रभावी होंगे और गांवों को जल आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

