Central Samvadनई दिल्ली, 29 जुलाई
केंद्र सरकार ने नशा मुक्त भारत अभियान को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत पंचायत संसाधन व्यक्तियों को ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, जो गांवों में नशे के प्रति जागरूकता फैलाने और लोगों को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करेंगे।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने राज्यसभा में बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पंचायती राज विभागों से पंचायत संसाधन व्यक्तियों को नशा मुक्ति मित्र के रूप में चिन्हित करने का अनुरोध किया गया है।
ये स्वयंसेवक ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाने के साथ राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446 का भी व्यापक प्रचार करेंगे।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने की कार्ययोजना (एनएपीडीडीआर) के तहत राज्य सरकारों को जागरूकता, निवारक शिक्षा, क्षमता निर्माण और नशामुक्ति गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
वर्ष 2025-26 में हिमाचल प्रदेश को इस योजना के अंतर्गत 1.34 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई।केंद्र सरकार ने कहा कि पंचायतों, स्वयंसेवकों, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी से नशा मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

