Central Samvadनई दिल्ली, 29 जुलाई 2026
लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। नए कानून में दोषियों के खिलाफ कठोर दंड, संपत्ति जब्त करने और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।

विधेयक के अनुसार, परीक्षा में गड़बड़ी के दोषियों को 10 वर्ष तक के कारावास, 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने तथा अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त किए जाने का प्रावधान है। इसके साथ ही प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे, जहां मामलों की दैनिक सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी।नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अपराधों की जांच एफआईआर दर्ज होने की तारीख से दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी, जबकि आरोपपत्र दाखिल होने के बाद तीन महीने के भीतर मुकदमे का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विधेयक पर चर्चा के दौरान कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संशोधन कानून को अधिक सख्त और प्रभावी बनाकर छात्रों एवं युवाओं को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सरकार ने विधेयक के साथ-साथ विभिन्न राज्यों में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में ऐसे न्यायालयों का गठन किया जा चुका है तथा अन्य राज्यों में भी जल्द व्यवस्था लागू की जाएगी।डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह लीक-प्रूफ बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश हेतु एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा कि 22 जून 2024 को गठित राधाकृष्णन समिति की 46 सिफारिशों में से 35 को पहले ही लागू किया जा चुका है।चर्चा के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सदन में कथित रूप से असंसदीय भाषा के प्रयोग की आलोचना करते हुए इसे अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

