कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगीत के साथ हुआ। डॉ. समीर बाजपेयी, निदेशक (प्रभारी), एनआईटी रायपुर ने AI तकनीकों की लागत और सीमित पहुंच पर चर्चा करते हुए इन्हें किफायती एवं सुलभ बनाने की आवश्यकता बताई, ताकि बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों सहित वंचित वर्गों को भी इसका लाभ मिल सके।

मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) अशोक जिंदल, कार्यकारी निदेशक (सीईओ), एम्स रायपुर ने भारतीय इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ क्लिनिकल डेटा साझा करने और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विश्वसनीय एवं किफायती चिकित्सा उपकरण विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टर का व्यक्तिगत स्पर्श महत्वपूर्ण बना रहना चाहिए।
डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने न्यूरल नेटवर्क, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, LLMs और Agentic AI के विकास पर चर्चा की। वहीं डॉ. जसजीत एस. सूरी ने मानव कल्याण में एम्बिएंट तकनीकों की भूमिका और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर प्रकाश डाला। सम्मेलन में 1,200 से अधिक शोध-पत्र प्राप्त होने सहित आयोजन की प्रमुख जानकारियां साझा की गईं।
उद्घाटन समारोह में सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. तृप्ति स्वर्णकार, डॉ. मिथिलेश अतुलकर, डॉ. दिबाकर साहा और डॉ. नईम अहमद ने किया।

