Central Samvad रायपुर 11 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) के क्रियान्वयन के लिए पिछले दिनों राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय समिति की दो दिवसीय परामर्श बैठक संपन्न हुई।

पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं समिति सदस्य एम. के. राउत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आयोगों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए।चर्चा में विवाह और तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति ने आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने महिला-पुरुष समान अधिकार, बेटे-बेटी को समान उत्तराधिकार तथा विवाह और तलाक के अनिवार्य पंजीयन का सुझाव दिया।

क्रिश्चन समाज के प्रतिनिधियों ने विवाह को अटूट संबंध मानते हुए लिव-इन संबंधों को सामाजिक रूप से स्वीकार्य नहीं होने की बात कही। राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा ने बच्चों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर सुझाव दिए।
अधिवक्ता संघ, अधिवक्ता परिषद, कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज और मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी UCC को स्पष्ट, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के संबंध में अपने विचार रखे। समिति ने सभी सुझावों का गहन अध्ययन कर समावेशी और संतुलित मसौदा तैयार करने की बात कही।

