
रायपुर, 13 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के विकासखंड पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत छिबर्रा में “हर घर जल” योजना के सफल क्रियान्वयन ने ग्रामीण जीवन को नई दिशा दी है। 30 दिसंबर 2025 को इस गांव ने हर घर जल प्रमाणीकरण प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इसके तहत गांव के सभी 278 घरों में नल कनेक्शन प्रदान कर प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच सुनिश्चित की गई है।
इस योजना का प्रभाव केवल घरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ग्राम के सार्वजनिक संस्थानों जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और आंगनवाड़ी में भी नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे पूरे गांव में स्वच्छ जल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हुई है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
इस उपलब्धि के पीछे ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही है। सरपंच श्रीमती नंदनी दीवान और पंचायत सचिव श्री लोकेश पटेल के नेतृत्व में जल जीवन मिशन को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। उनके मार्गदर्शन में गांव में जल प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था विकसित की गई, जिससे योजना का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच सका।
योजना के सुचारु संचालन और दीर्घकालिक रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर “ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति” का गठन किया गया है। समिति द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा, पिथौरा में एक बैंक खाता संचालित किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक परिवार से 60 रुपये प्रति माह जलकर के रूप में एकत्र किए जाते हैं। यह व्यवस्था योजना की स्थिरता और निरंतरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।
परियोजना की कुल लागत लगभग 113.30 लाख रुपये रही, जिसके अंतर्गत 60 किलोलीटर क्षमता की एक उच्च स्तरीय पानी टंकी का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही करीब 1520 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर एक सुदृढ़ जल वितरण प्रणाली विकसित की गई है, जिससे हर घर तक नियमित और सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
इस योजना से लाभान्वित ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। हितग्राही सुकृति ने बताया कि पहले उन्हें पीने के पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अधिक खपत होती थी। अब घर पर ही स्वच्छ पानी उपलब्ध होने से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है।
“हर घर जल” योजना के सफल क्रियान्वयन से ग्राम छिबर्रा अब एक आदर्श गांव के रूप में उभरकर सामने आया है। यह पहल न केवल जल संकट के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि ग्रामीण विकास और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।

