Central Samvad रायपुर 11 मई 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सोमनाथ मंदिर अटूट आस्था, दिव्यता और देश की शाश्वत आत्मा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ अमृत पर्व केवल अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि आने वाले एक हजार वर्षों तक देश को प्रेरणा देने वाला पर्व है।

गुजरात में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ लोगों को यह संदेश देता है कि कोई भी राष्ट्र तभी लंबे समय तक मजबूती से खड़ा रह सकता है, जब वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहे। उन्होंने कहा कि यहां विनाश में सृजन का संकल्प, असत्य पर सत्य की विजय और हजारों वर्षों की आध्यात्मिक चेतना दिखाई देती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के समय सरदार वल्लभभाई पटेल ने पांच सौ से अधिक रियासतों को जोड़कर आधुनिक भारत का स्वरूप गढ़ा और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के माध्यम से दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत केवल आजाद नहीं हुआ, बल्कि अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त करने के मार्ग पर आगे बढ़ चुका है।
उन्होंने 11 मई 1998 के परमाणु परीक्षणों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पूरी दुनिया का दबाव भारत पर था, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार ने दुनिया को दिखा दिया कि राष्ट्र प्रथम की भावना से भारत को कोई ताकत झुका नहीं सकती।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने सोमनाथ महादेव मंदिर में विशेष महापूजा की और मंदिर के शिखर पर कुंभाभिषेक किया। मंदिर के इतिहास में पहली बार 11 तीर्थ स्थलों से लाए गए पवित्र जल से जलाभिषेक किया गया। प्रधानमंत्री ध्वजारोहण समारोह और विशेष प्रदर्शनी में भी शामिल हुए।
इस अवसर पर वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक्स टीम ने एयर शो प्रस्तुत किया तथा हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। इसके बाद श्री मोदी ने विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया।प्रधानमंत्री ने हमीर जी गोहिल सर्कल तक रोड शो भी किया।

इधर, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ पर देशवासियों को शुभकामनाएं दिन हैं।उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान उत्सव को भारत की शाश्वत ऊर्जा का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की आध्यात्मिक चेतना और आस्था का सशक्त प्रतीक है।

