Central Samvad 11मई रायपुर
रायपुर के हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हुआ आयोजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअल माध्यम से जुड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा-अर्चना और उनके संबोधन का अवलोकन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, विदेशी आक्रांताओं के हमलों, मंदिर के पुनर्निर्माण तथा आस्था स्थलों के संरक्षण और संवर्धन के संकल्प पर विस्तार से अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 75 वर्ष पहले आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था। इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आक्रमण के समय मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, लेकिन मंदिर नहीं छोड़ा। उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने बताया कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने विरोधों के बावजूद मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ और धार्मिक स्थलों का तेजी से विकास हो रहा है। काशी विश्वनाथ, महाकाल और सोमनाथ जैसे स्थलों पर व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में देवी मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा सनातन परंपरा के लिए ऐतिहासिक क्षण रहा है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आस्था केंद्रों के संरक्षण को नई दिशा मिली है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना भी की। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।


