Central Samvad रायपुर 10जुलाई 2026
भारत ने युद्ध के दौरान की जाने वाली यौन हिंसा- सीआरएसवी की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्ध, आतंकवाद, यातना और राजनीतिक दमन का एक हथियार बताया है, जिसका प्रयोग समुदायों को अधीन करने, असहमति को दबाने और मानवीय पीड़ा पहुंचाने के लिए किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पी. हरीश ने युद्ध की अवधि में की जाने वाली यौन-हिंसा पर कहा कि इस तरह की हिंसा में दण्ड न दिए जाने के कारण यह जारी है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे जघन्य कृत्यों की कड़ी निंदा करता है।

