Central Samvad 15मई रायपुर
भारत सरकार ने ग्रामीण विकास और रोजगार को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 लागू करने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी होगी और वर्तमान मनरेगा योजना का स्थान लेगी।
छत्तीसगढ़ सरकार ने इसके क्रियान्वयन की तैयारी शुरू कर दी है।नई व्यवस्था के तहत अब ग्रामीण परिवारों के इच्छुक वयस्क सदस्यों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यह वर्तमान 100 दिनों की सीमा से अधिक है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण समृद्धि और विकसित भारत-2047 के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार ग्रामीण परिवारों को आर्थिक स्थिरता और बेहतर आजीविका प्रदान करेगा।योजना के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 95 हजार 692 करोड़ रुपए से अधिक का बजट प्रावधान किया है।
राज्यों के अंशदान सहित कुल राशि 1.51 लाख करोड़ रुपए से अधिक होगी।मजदूरी का भुगतान सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। भुगतान साप्ताहिक आधार पर या मस्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। देरी होने पर श्रमिकों को क्षतिपूर्ति भी मिलेगी।यदि निर्धारित समय के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी रखा गया है।
पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों के चयन का अधिक अधिकार मिलेगा, जिससे जल संरक्षण और कृषि अधोसंरचना जैसे स्थायी कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।सरकार ने श्रमिकों की सुविधा के लिए संक्रमण व्यवस्था भी तय की है। वर्तमान ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड नए कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे। 30 जून 2026 तक चल रहे सभी कार्य बिना रुकावट जारी रहेंगे और 1 जुलाई से नई व्यवस्था में शामिल हो जाएंगे।सरकार का मानना है कि यह योजना ग्रामीण अधोसंरचना, कृषि विकास और जल संरक्षण को नई गति देगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगी।

