जनजातीय विकास में एआई और नई तकनीकों की भूमिका पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी
Central Samvad रायपुर, 22 मई 2026
जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा राज्य स्तरीय ऑनलाइन संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में जनजातीय विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और नई तकनीकों के उपयोग पर चर्चा हुई।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि प्रशासन में एआई और तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता बढ़ी है तथा लोगों की समस्याओं का घर बैठे त्वरित समाधान संभव हो रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजाति संग्रहालय और शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में बड़े स्तर पर डिजिटल तकनीक का उपयोग किया गया है।उन्होंने बताया कि एआई का उपयोग स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कौशल विकास, कृषि और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि एआई मानव संवेदनाओं का विकल्प नहीं हो सकता।संगोष्ठी में पद्मश्री श्री अजय मंडावी ने जनजातीय क्षेत्रों में कौशल विकास और तकनीक के बेहतर उपयोग पर जोर दिया।

वहीं विशेषज्ञों ने गुणवत्तापूर्ण डेटा संग्रह, स्थानीय भाषाओं के संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों तक तकनीक की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता बताई।आईआईएम, एनआईटी, आईआईआईटी और एनआईसी के विशेषज्ञों ने एआई के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग, शिक्षा सुधार, उद्यमिता और सेवा वितरण से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।

