Central Samvad रायपुर 27मई 2026
छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र में दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई देने से वन विभाग और प्रकृति प्रेमियों में उत्साह है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान इस दुर्लभ वन्यजीव को देखा गया।

छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह राज्य में वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार जंगलों और दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रही है।वन विभाग के अनुसार 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान प्रकृति प्रेमी हेमंत वर्मा ने इस दुर्लभ गिलहरी की पहचान की।

विशाल भारतीय गिलहरी भारत की सबसे बड़ी वृक्षों पर रहने वाली गिलहरियों में मानी जाती है। इसका वैज्ञानिक नाम Ratufa indica है।वन अधिकारियों ने बताया कि यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका दिखना इस बात का संकेत है कि बारनवापारा और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध और पर्यावरणीय रूप से स्वस्थ है।

वन विभाग का कहना है कि ऐसे समर कैंप बच्चों और युवाओं में प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

