Central Samvad रायपुर 12 जून
कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर विकासखंड के तलवापारा गांव की कांति साहू ने सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर उन्होंने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से बैंक लिंकेज, एसवीईपी और मुद्रा ऋण योजनाओं से लगभग 4 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की।

इस सहायता से कांति साहू ने दोना-पत्तल निर्माण, धान बीज केंद्र, कपड़ा व्यवसाय (मैचिंग सेंटर) और सिलाई केंद्र जैसे चार व्यवसाय शुरू किए। आज उनके कारोबार का मासिक टर्नओवर 1 से 1.5 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जबकि उन्हें हर महीने 30 से 35 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हो रहा है।

कांति साहू की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है, जिसके चलते वे ‘लखपति दीदी’ बनी हैं। उनकी सफलता न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की राह दिखा रही है।

