Central Samvadरायपुर, 08 जुलाई 2026
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के मेटलर्जी एंड मैटेरियल्स इंजीनियरिंग विभाग में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैटेरियल्स (आईआईएम) के स्टूडेंट चैप्टर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर आईआईएम के अध्यक्ष एवं आईआईटी हैदराबाद के निदेशक प्रो. बी. एस. मूर्ति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

यह स्टूडेंट चैप्टर एनआईटी रायपुर और ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के विद्यार्थियों के संयुक्त हित में स्थापित किया गया है।कार्यक्रम में एनआईटी रायपुर के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव, ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. डी. पाटीदार, डीन (छात्र कल्याण) डॉ. मनोज कुमार चोपकर, विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष गांगुली, डॉ. मानवेन्द्र कुमार त्रिपाठी सहित प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष गांगुली ने कहा कि यह चैप्टर विद्यार्थियों में तकनीकी उत्कृष्टता, व्यावसायिक नैतिकता, नेतृत्व क्षमता और उद्योग से जुड़ाव को मजबूत करेगा। वहीं, निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने बताया कि आईआईएम की निःशुल्क सदस्यता से विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान, शोध सामग्री, डिजिटल लाइब्रेरी और बेहतर रोजगार अवसरों का लाभ मिलेगा।

ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. डी. पाटीदार ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग से देश के इस्पात एवं धातुकर्म क्षेत्र को नई गति मिलेगी। इससे विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के साथ संवाद और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।मुख्य अतिथि प्रो. बी. एस. मूर्ति ने अपने उद्घाटन व्याख्यान में बताया कि वर्ष 1946 में स्थापित भारतीय धातु संस्थान के देशभर में लगभग 50 चैप्टर कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि स्टूडेंट चैप्टर का उद्देश्य विद्यार्थियों और पेशेवर संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने नवाचार, उद्यमिता और उद्योग–शिक्षा सहयोग को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थियों से नए विचारों और अनुसंधान को अपनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम का समापन डॉ. मानवेन्द्र कुमार त्रिपाठी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

