Central Samvad 16 जुलाई 2026
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान उनका वजन नौ किलोग्राम से अधिक घटकर 56.9 किलोग्राम रह गया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि अनशन जारी रहा तो शरीर के आंतरिक अंग प्रभावित होने का गंभीर चरण शुरू हो सकता है।
सोनम वांगचुक विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले अनशन कर रहे हैं। वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।उनकी स्वास्थ्य निगरानी कर रहे डॉ. सतीश लाम्बा ने बताया कि फिलहाल वांगचुक मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। हालांकि, यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने और मांसपेशियों के क्षय के कारण शरीर के आंतरिक अंग प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि ईसीजी सहित अन्य चिकित्सकीय जांचों की रिपोर्ट फिलहाल संतोषजनक है।

अनशन समाप्त करने की विभिन्न स्तरों पर अपीलों के बावजूद वांगचुक ने इसे जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिले बिना अनशन समाप्त करने से गलत संदेश जाएगा। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि उनकी स्थिति तत्काल खतरे वाली नहीं है और वे अभी कुछ दिन और अनशन जारी रख सकते हैं।
वांगचुक ने अपने समर्थकों से अनशन पर अधिक ध्यान देने के बजाय 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को सफल बनाने की अपील की है।

