Central Samvadनई दिल्ली, 23 जुलाई
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट यूजी पेपर लीक मामले पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के लगातार विरोध के कारण गुरुवार को राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
मानसून सत्र के चौथे दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध कायम रहा, जिससे सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे, फिर 2 बजे और अंततः दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी।दोपहर तीन बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने का अवसर दिया।

खड़गे ने कहा कि देश के हित और न्याय के लिए विपक्ष संघर्ष जारी रखेगा। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन की कार्यवाही चलाने के बजाय विरोध और हंगामे का रास्ता अपना रहा है। इस पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और शोर-शराबा शुरू हो गया, जिसके बाद उपसभापति ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
विपक्ष का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना नीट और पेपर लीक मामले पर चर्चा शुरू नहीं होगी। वहीं सरकार का कहना है कि वह नीट से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को सदन की कार्यवाही में सहयोग करना चाहिए।
सरकार और विपक्ष के अपने-अपने रुख पर अड़े रहने के कारण मानसून सत्र के पहले चार दिनों में कोई महत्वपूर्ण विधायी कार्य नहीं हो सका। लगातार हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।

