Central Samvadरायपुर, 23 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के सड़क सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र (CoERS) के बीच सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

रायपुर में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में डेटा-आधारित हाइपरलोकल इंटरवेंशन कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप थे।इस पहल के तहत सड़क दुर्घटना के आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान की जाएगी।

इसके आधार पर कम लागत वाले इंजीनियरिंग सुधार और स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। साथ ही ‘संजय’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से ब्लैक स्पॉट की समय पर पहचान कर साक्ष्य-आधारित निर्णय लिए जाएंगे।परियोजना के पहले चरण में सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील 10 जिलों को शामिल किया गया है।
इन जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक जिले के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप डेटा-आधारित सड़क सुरक्षा कार्ययोजना तैयार की जाएगी।परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना किसी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति होती है।
राज्य सरकार का लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि ऐसी सुरक्षित सड़क व्यवस्था विकसित करना है, जिससे हर नागरिक सुरक्षित अपने घर पहुंच सके।परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश ने कहा कि ‘संजय’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुर्घटना संभावित स्थलों की वैज्ञानिक पहचान कर समयबद्ध हस्तक्षेप संभव होगा।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों से समन्वित प्रयास कर दुर्घटनामुक्त छत्तीसगढ़ बनाने का आह्वान किया।कार्यशाला में चयनित 10 जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, आरटीओ, डीटीओ, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक और जिला सड़क सुरक्षा समिति के नोडल अधिकारियों ने भाग लिया।
अधिकारियों ने बताया कि डेटा-आधारित योजना और त्वरित हस्तक्षेप से सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने का लक्ष्य है।

