Central Samvadरायपुर, 24 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई द्वीप्ति (DWEEPTI) योजना नई पहचान बना रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तकनीकी सहयोगी संस्था ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के साथ मिलकर इस योजना को विकसित किया है।

इसके तहत महिला स्व-सहायता समूहों को सौर ऊर्जा क्षेत्र में विक्रेता, तकनीशियन, उद्यमी और सेवा प्रदाता के रूप में तैयार किया जा रहा है।राज्य सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। योजना का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित करना, 50,000 हरित रोजगार सृजित करना तथा 5 लाख परिवारों और 10 हजार संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाना है।

योजना के तहत 12 जिलों के 13 क्लस्टर स्तरीय महासंघों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत किया गया है। महिलाओं को सौर संयंत्रों की स्थापना, संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण देकर ‘सोलर दीदी’ के रूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि वे अपने क्षेत्रों में तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा सकें।कबीरधाम जिला इस योजना का सफल उदाहरण बनकर उभरा है। यहां 35 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और समनापुर गांव में पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किया गया।

जिले में अब तक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के 40 से अधिक ऑर्डर मिल चुके हैं, जिससे ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ विजन को आगे बढ़ा रही है। आने वाले समय में इसे राज्य के अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा।

