Central Samvadरायपुर, 28 जून 2026
नई दिल्ली में आयोजित एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए बड़े व्यास (लार्ज डायमीटर) की ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया।

इस ड्रिलिंग के माध्यम से क्षेत्र में मौजूद हीरा भंडार का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का रास्ता तय होगा।बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।

बड़े व्यास की ड्रिलिंग के बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (फीजिबिलिटी रिपोर्ट) तैयार की जाएगी, जिससे व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।एनसीएल, एनएमडीसी लिमिटेड और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी ने स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप की पहचान की थी। इसके बाद लगभग 200 टन बल्क सैंपल की जांच में 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे मिले, जिससे क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की पुष्टि हुई।बैठक में बैलाडीला डिपॉजिट-4 और डिपॉजिट-13 सहित अन्य लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह ने कहा कि बलौदा-बेलमुंडी की हीरा परियोजना राज्य को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

