आज से आरम्भ होने वाली गुप्त नवरात्रि की सभी साधकों को शुभकामनाएं। ये नवरात्रि यूँ तो सभी के लिए नहीं है पर श्रद्धा के साथ शक्ति की माँ के रूप में साधना करना हो तो ये उत्कृष्ट समय है। कुछ बातों का ध्यान रहे-1 – साधना स्वयं के कल्याण / जन कल्याण के लिये अवश्य करें ,किसी की हानि के लिए कभी नहीं।2- 9 दिनों तक एक ही समय पर ध्यान/मन्त्र/स्रोत्र/ साधना करें सुबह या संध्या का समय श्रेष्ठ है , रात्रि को करें अगर आप गृहस्थ/ सामान्य साधक हैं। बीज मंत्र न करें अगर आप ने कभी नही किया है, दुर्गाजी के 32 नाम , या दुर्गा शप्तशती से कोई श्लोक ले सकते हैं।(ॐ जयंती मंगला..ॐ सर्व मंगल मांगल्ये…) या प्रणव के साथ ,देवी के एकाक्षरी मन्त्र( ॐ ऐं ह्रीं श्रीं )3- गणेश जी की एक माला से शुरू करें , फिर जिन्हें आप पूजते हैं उस देवी की एक माला,फिर शिव की एक माला। एक से अधिक मालाएं भी कर सकते हैं।4- केवल दीपक जलाकर, बेहद कम संसाधनों में भी कर सकते हैं, दूध या जल मां को अर्पित कर सकते हैं।5- नवरात्रि के अंतिम दिन किसी छोटी सी कन्या को इच्छा और शक्ति अनुसार कोई भेंट दे सकते हैं और मन्दिर जाकर अपनी साधना ,मन्त्र, सबकुछ माँ को समर्पित करें।6- ब्रह्मचर्य का पालन एवं मांसाहार से यथासम्भव दूरी रखें। थोड़ा विलम्ब हुआ पोस्ट करने में , क्योंकि आज से ही नवरात्रि है, आप सब शाम 6 से 7 के बीच अपनी छोटी सी सही साधना कर सकते हैं।
प्रज्ञा ज्योतिषीय संस्थानअभिमन्यु गर्भ संस्कार संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़

