
रायपुर, 21 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। रायपुर स्थित सिविल लाइन के सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने प्रदेश की नगर पंचायतों के कामकाज का विस्तृत मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहरों में बेतरतीब निर्माण, अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती से रोक लगाई जाए और प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाई जाए।
🟡 1. अव्यवस्था पर सख्ती, जवाबदेही तय करने के निर्देश
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) को चेतावनी देते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को नई सोच और प्रभावी कार्य पद्धति अपनाते हुए शहरों के समग्र विकास के लिए कार्य करने को कहा।
🟡 2. राजस्व, कर वसूली और प्रशासनिक सुधार पर जोर
श्री साव ने नगर पंचायतों को 31 मई तक नई संपत्तियों पर करारोपण की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही संपत्ति कर, जल कर और यूजर चार्ज की वसूली को गंभीरता से सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने एनर्जी ऑडिट के जरिए अनावश्यक बिजली कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी कर्मचारियों के वेतन और बिजली बिल का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

🟡 3. जल प्रबंधन, सफाई और आधारभूत सुविधाओं पर फोकस
बैठक में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश से पहले नालों, नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूरी कर ली जाए ताकि जलभराव की समस्या से बचा जा सके। साथ ही पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने और आगामी 10 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए।
🟡 4. जनसुविधाएं, आवास योजनाएं और सुशासन पर जोर
श्री साव ने बच्चों के लिए खेल मैदान और उद्यान विकसित करने के लिए स्थान चिन्हित करने को कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही आवास स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर निर्माण अनुमति जारी करने पर जोर दिया। उन्होंने आगामी 1 मई से शुरू होने वाले ‘सुशासन तिहार’ के लिए भी सभी तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा, ताकि शहरवासियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्रीय संयुक्त संचालक और विभिन्न योजनाओं से जुड़े अभियंता भी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान राजस्व वसूली, अधोसंरचना विकास, जलप्रदाय योजनाएं, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन और अन्य प्रमुख योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

