प्रधानमंत्री ने कहा- गुरुदेव ने भारतीय संस्कृति और मानवता के मूल्यों को दी नई पहचान
Central Samvad 09 मई 2026
आज गुरूदेव रबींद्रनाथ ठाकुर की 165वीं जयंती है। इस मौके पर शांतिनिकेतन, विश्वभारती विश्वविद्यालय और बांग्लादेश सहित दुनिया भर में अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पोचीशे बोइशाख के अवसर पर गुरुदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोचीशे बोइशाख के अवसर पर गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरुदेव टैगोर असाधारण प्रतिभा के धनी लेखक, विचारक और कवि थे। उन्होंने एक महान दार्शनिक, शिक्षाविद, कलाकार और भारत की सभ्यतागत आत्मा की शाश्वत आवाज के रूप में अपनी विशेष पहचान बनाई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरुदेव टैगोर ने मानवता की गहरी भावनाओं और भारतीय संस्कृति के सर्वोच्च आदर्शों को अपनी रचनाओं के माध्यम से अभिव्यक्ति दी। उन्होंने समाज को नए विचारों, रचनात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक आत्मविश्वास से समृद्ध किया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्र गुरुदेव टैगोर को गहरी श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद करता है।
उन्होंने आशा जताई कि गुरुदेव के विचार लोगों के मन को आगे भी प्रकाशित करते रहेंगे और उनके प्रयासों में मार्गदर्शन देते रहेंगे।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपनी श्रद्धांजलि साझा की। उन्होंने लिखा कि पोचीशे बोइशाख के इस विशेष अवसर पर देश गुरुदेव टैगोर को नमन कर रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव टैगोर ने भारतीय संस्कृति, मानवता और समाज को नई दिशा देने का कार्य किया।गौरतलब है कि पोचीशे बोइशाख को गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाता है।
वहीं नई दिल्ली में संसद के सदस्यों, पूर्व सांसदों और लोकसभा के महासचिव उत्पल सिंह ने संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में गुरुदेव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

