Central Samvad 19 मई रायपुर /
बीजापुर उप जेल में बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से “उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” के तहत नवसाक्षरता अभियान शुरू किया गया है।

कलेक्टर विश्वदीप के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य असाक्षर बंदियों को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी लखनलाल धनेलिया विशेष रूप से मौजूद रहे। इस दौरान बंदियों को पढ़ाई के लिए पेन, पेंसिल, पुस्तकें और व्हाइटबोर्ड जैसी अध्ययन सामग्री वितरित की गई।

जिला शिक्षा अधिकारी धनेलिया ने कहा कि शिक्षा जीवन बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि जेल में बंद असाक्षर लोगों को शिक्षित करना सामाजिक पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।उप जेल प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बंदियों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान बंदियों में सीखने को लेकर उत्साह और नई उम्मीद दिखाई दी।“उल्लास साक्षरता कार्यक्रम” के जरिए उप जेल बीजापुर में शिक्षा का सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है, जो बंदियों को बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने की नई राह दिखा रहा है।

