Central Samvad 23 मई 2026
एग्रोफॉरेस्ट्री मॉडल से किसानों को मिल रही नई आर्थिक ताकत
छत्तीसगढ़ में एग्रोफॉरेस्ट्री यानी कृषि-वानिकी किसानों के लिए लाभ का नया रास्ता बन रही है। बालोद जिले के किसान श्री अनिल जाजू ने सागौन की खेती से करीब 9.69 लाख रुपये की आय प्राप्त कर मिसाल पेश की है।

नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने किसान अनिल जाजू को प्रोत्साहन राशि का चेक सौंपा। किसान ने अपनी निजी भूमि पर सागौन के पौधे लगाकर वर्षों की मेहनत के बाद यह सफलता हासिल की।वर्ष 2001 में ग्राम पलारी, तहसील गुरूर निवासी श्री जाजू ने करीब 3.35 हेक्टेयर जमीन पर सागौन के पौधे लगाए थे। लगभग 24 वर्षों तक देखभाल के बाद वर्ष 2025 में अनुमति लेकर सागौन वृक्षों की कटाई की गई।
वन विभाग की निगरानी में 173 सागौन वृक्षों से प्राप्त लकड़ी के बदले उन्हें लगभग 9.69 लाख रुपये की राशि मिली।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को वृक्ष आधारित खेती के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के जरिए प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने और जनभागीदारी को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि योजनाबद्ध तरीके से किया गया वृक्षारोपण किसानों के लिए लंबे समय की सुरक्षित कमाई बन सकता है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।

