Central Samvad 23 मई 2026
छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने के लिए अब खेतों की मेड़ भी कमाई का जरिया बन रही है। राज्य में “खेतों की मेड़ पर पैसों का पेड़” योजना के तहत किसानों को सतावर के पौधे निःशुल्क दिए जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ औषधीय खेती से जोड़कर अतिरिक्त आमदनी दिलाना है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड यह योजना चला रहा है। किसान खेत की खाली मेड़ और बाड़ पर सतावर लगाकर बेहतर कमाई कर सकते हैं।
सतावर एक औषधीय और कांटेदार पौधा है। इसे लगाने से खेतों को आवारा पशुओं से सुरक्षा मिलती है, वहीं इसके कंद की बाजार में अच्छी मांग होने से किसानों को आर्थिक लाभ भी मिलता है। आयुर्वेदिक और हर्बल दवा उद्योगों में सतावर का उपयोग कई दवाओं के निर्माण में किया जाता है।
बोर्ड की ओर से किसानों को मुफ्त पौधे, तकनीकी प्रशिक्षण और खरीदारों से संपर्क की सुविधा भी दी जा रही है। सतावर की फसल करीब 16 महीने में तैयार होती है और लंबे समय तक आय का साधन बन सकती है।
बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने इसे किसानों के लिए लाभकारी पहल बताया है। वहीं उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला ने कहा कि यह योजना किसानों की सुनिश्चित आय बढ़ाने में मददगार साबित होगी।

