Central Samvad रायपुर, 29 मई 2026
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए ‘नवा अंजोर विजन 2047’ के तहत फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और टिकाऊ खेती पर विशेष जोर दे रही है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य में दलहन उत्पादन में रिकॉर्ड 76 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि तिलहनी फसलों के रकबे में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक का विस्तार हुआ है। खरीफ 2026 में अरहर, उड़द और मूंग की खेती के लिए क्लस्टर आधारित रणनीति लागू की जाएगी।

कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से कृषि सेवाओं को पारदर्शी बनाया जा रहा है। वहीं डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, नैनो यूरिया और अन्य संतुलित उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।राज्य में 23 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का विस्तार किया गया है। साथ ही ड्रोन तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई, सॉइल हेल्थ कार्ड और एकीकृत कृषि प्रणाली को प्रोत्साहित कर खेती को अधिक लाभकारी और जलवायु अनुकूल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सम्मेलन में राज्य सरकार ने केंद्र से फसल विविधीकरण के लिए विशेष प्रोत्साहन नीति, प्राकृतिक उत्पादों के लिए अलग एमएसपी, उर्वरकों की समय पर आपूर्ति और डिजिटल कृषि मिशन के लिए तकनीकी सहायता की मांग भी रखी।

