Central Samvad 11जून ,रायपुर
देश में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग को देखते हुए सरकार ने लोगों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि साइबर अपराधी अब डीपफेक वीडियो और ऑडियो तकनीक का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जॉब पोर्टल, डेटिंग ऐप और फोन कॉल के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उनकी निजी और वित्तीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। एआई तकनीक की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज या चेहरा हूबहू तैयार कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, जिससे धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सरकार ने फिनटेक कंपनियों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को ग्राहक पहचान और ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को और मजबूत बनाने, डीपफेक पहचानने वाले तकनीकी तंत्र विकसित करने तथा साइबर सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की सलाह दी है।नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने बायोमेट्रिक डेटा, बैंकिंग जानकारी और व्यक्तिगत दस्तावेजों को सुरक्षित रखें।
किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल, वीडियो या वित्तीय लेनदेन पर तुरंत सतर्कता बरतें। साथ ही बैंक खातों से जुड़े ईमेल और एसएमएस अलर्ट पर नियमित नजर रखें।सरकार ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध वित्तीय लेनदेन या साइबर ठगी का मामला दिखाई देता है, तो इसकी सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और नुकसान को रोका जा सके।

