Central Samvad रायपुर, 20 जून 2026
बस्तर जिले में लंबे समय से लंबित फौती नामांतरण मामलों के निराकरण के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत अब तक 8,241 परिवारों को जमीन संबंधी वैध अधिकार मिल चुके हैं। अभियान के दौरान प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुंचा, दस्तावेज तैयार कराए और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई।

पिछले चार वर्षों में जिले में दर्ज 17,405 मृत्यु मामलों की समीक्षा के बाद 8,651 ऐसे प्रकरण चिन्हित किए गए, जिनमें फौती नामांतरण आवश्यक था। ग्राम सचिव, पटवारी और कोटवारों की संयुक्त टीम ने घर-घर जाकर जानकारी जुटाई, मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाए तथा वारिसों का सत्यापन किया।

जिले के 611 गांवों में संचालित इस अभियान के तहत अब तक 8,241 मामलों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 410 मामलों पर कार्रवाई जारी है। अभियान का लाभ तोकापाल, करपावंड, बस्तर, बास्तानार, बकावंड, भानपुरी, नानगुर, जगदलपुर, लोहंडीगुड़ा और दरभा सहित दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों के परिवारों को मिला है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जमीन के रिकॉर्ड अपडेट होने से परिवारों को बैंकिंग सुविधाओं, शासकीय योजनाओं और अन्य सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

कलेक्टर ने बताया कि इस पहल से जमीन संबंधी विवादों में कमी आएगी और लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा। अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े, बल्कि प्रशासन स्वयं उनके द्वार तक पहुंचा।

