Central Samvadरायपुर, 30 जुलाई 2026
प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। कई स्थानों पर जलभराव, पुलों के ऊपर से पानी बहने और सड़क संपर्क बाधित होने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

प्रशासन द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ सहित कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
कांकेर-सरोना मार्ग के पटौद क्षेत्र में सड़क पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं, तेज आंधी के कारण बांदे-पखांजूर मार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हुआ।दंतेवाड़ा जिले के भैरमगढ़ क्षेत्र के पातरपारा में पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
धौड़ाई थाना क्षेत्र के ग्राम चिकपाल में जलस्तर अचानक बढ़ने से फंसे 16 ग्रामीणों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।कोंडागांव जिले में कोंडागांव-जोधरापदर-नारायणपुर मार्ग पर नारंगी नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से मार्ग के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवागमन बंद कर दिया है।कांकेर जिले में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। गरियाबंद जिले में लगातार बारिश से हालात गंभीर हैं। सिकासेर जलाशय से 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद राजिम स्थित त्रिवेणी संगम क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी है।
पैरी नदी के उफान पर होने से राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, उदंती क्षेत्र के अमली गांव में तेज बहाव के कारण छत्तीसगढ़-ओडिशा को जोड़ने वाला निर्माणाधीन पुल क्षतिग्रस्त होकर गिर गया।बालोद जिले में भी कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति है। सियादेवी मंदिर के पास नहर का पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण मार्ग बंद किया गया है।
जुझारा नाला उफान पर आने से कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मोंगरा, घुमरिया, सुखानाला और खारखूटेला जलाशयों से पानी छोड़े जाने के बाद महमरा एनीकट के ऊपर से करीब सात फीट छह इंच पानी बह रहा है।
प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।सक्ती जिले में भारी बारिश के चलते महानदी उफान पर है। कैचमेंट क्षेत्र से पानी की लगातार आवक को देखते हुए कलमा बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं।
वहीं, आरंग क्षेत्र के तटीय गांव निसदा में महानदी का पानी घुसने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने 42 परिवारों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया है।प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।

