Central Samvadरायपुर, 23 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय सभागृह में युवा साहित्यकार करुणा सागर पण्डा के उपन्यास ‘कोहरा’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य केवल समाज का दर्पण नहीं, बल्कि उसे सजग करने और सही दिशा दिखाने का सशक्त माध्यम भी है।

‘कोहरा’ जैसे उपन्यास सामाजिक विषयों को विमर्श के केंद्र में लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।मुख्यमंत्री ने करुणा सागर पण्डा को उपन्यास के प्रकाशन पर बधाई देते हुए कहा कि संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण विषयों पर लेखन के लिए साहस की आवश्यकता होती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश ने विनोद कुमार शुक्ल, मुक्तिबोध और पदुमलाल पन्नालाल बख्शी जैसे साहित्यकार देश को दिए हैं।

नई पीढ़ी के रचनाकार इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने घरों में छोटी-सी लाइब्रेरी बनाने और बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि घर की समृद्धि केवल उसकी भव्यता में नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति में भी दिखाई देती है। पुस्तकें पीढ़ियों के बीच ज्ञान, संस्कार और अनुभव का सेतु बनती हैं।मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद से प्रभावित परिवारों की पीड़ा और संघर्ष को भी साहित्य के माध्यम से सामने लाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने लंबे समय तक नक्सल हिंसा का दंश झेला है। अब बस्तर शांति और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। इस बदलाव और नक्सलवाद से प्रभावित लोगों की मानवीय पीड़ा को साहित्य के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सकता है।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुनील गंगाराम गर्ग ने ‘कोहरा’ को समकालीन विषय पर महत्वपूर्ण कृति बताया।
छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा और वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज ने भी उपन्यास और साहित्य की सामाजिक भूमिका पर विचार रखे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।

