Central Samvadरायपुर, 24 जून 2026
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के हित में बड़ा फैसला लेते हुए साड़ी खरीदी की केंद्रीकृत व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब यूनिफॉर्म के लिए निर्धारित राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिससे वे अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार साड़ी खरीद सकेंगी।

राज्य सरकार का यह निर्णय प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हाल के दिनों में साड़ी खरीदी प्रक्रिया को लेकर सामने आए सुझावों और शिकायतों के बाद विभाग ने व्यवस्था में सुधार का निर्णय लिया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन की सोच के अनुरूप विभाग कार्य कर रहा है। शासन की राशि सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए डीबीटी आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने विभाग को निर्देश दिए हैं कि साड़ी का रंग और डिजाइन निर्धारित कर उसकी जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाए। वहीं कपड़े के प्रकार का चयन स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता और सहायिकाएं स्वयं कर सकेंगी, जिससे उन्हें अधिक सुविधा मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की बाल विकास सेवा योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रतिवर्ष दो यूनिफॉर्म प्रदान करने का प्रावधान है। इसके लिए प्रति यूनिफॉर्म अधिकतम 500 रुपये की राशि निर्धारित है।राज्य सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी, हितग्राहियों को निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचेगा।

