Central Samvad 27मई 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं
केंद्र सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कार 2026 में छत्तीसगढ़ की तीन विशिष्ट हस्तियों को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली बुधरी ताती तथा दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में वर्षों से निःस्वार्थ चिकित्सा सेवा दे रहे डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले और सुनीता गोडबोले को पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया है। दंतेवाड़ा जिले के हीरानार गांव की रहने वाली बुधरी ताती पिछले कई दशकों से महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान, नशामुक्ति, साक्षरता अभियान और बालिका शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं। उन्होंने 500 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपना जीवन आदिवासी बच्चियों की शिक्षा, महिलाओं के सशक्तिकरण और वृद्धजनों की सेवा के लिए समर्पित किया है। उनके समर्पण और स्नेहभाव के कारण स्थानीय लोग उन्हें सम्मानपूर्वक “बड़ी दीदी” कहकर पुकारते हैं।

वहीं डॉ. रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले पिछले 37 वर्षों से अधिक समय से बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा सेवा दे रहे हैं। ‘ट्रस्ट फॉर हेल्थ’ के माध्यम से दोनों स्वास्थ्य जागरूकता, कुपोषण उन्मूलन और प्राथमिक उपचार को गांव-गांव तक पहुंचा रहे हैं। वे ऐसे इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाते हैं, जहां सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद दोनों नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों का उपचार करते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीनों विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इन हस्तियों ने अपनी सेवा भावना, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक प्रतिबद्धता से राज्य को गौरवान्वित किया है।

