Central Samvadरायपुर, 26 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी की हेमलता मनहर ने आधुनिक कृषि तकनीक को रोजगार का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर वे किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं।

क्षेत्र में अब उनकी पहचान ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में बन गई है।ड्रोन से 1 से 2 लाख रुपये की आयहेमलता ड्रोन संचालन के जरिए कृषि कार्य कर प्रतिवर्ष लगभग 1 से 2 लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे वे परिवार की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग कर रही हैं। ड्रोन तकनीक से किसानों के समय और श्रम की बचत हो रही है, वहीं हेमलता को नियमित स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता का अवसर मिला है।

महतारी वंदन योजना से भी मिला संबलहेमलता महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित हो रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों में मददगार है। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिले रोजगार और महतारी वंदन योजना के आर्थिक सहयोग ने उनकी स्थिति को और मजबूत किया है।
हेमलता का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ कौशल और तकनीक से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और सम्मान के साथ रोजगार करने का अवसर मिल रहा है।
हेमलता की सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी है। उनका अनुभव बताता है कि आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं स्वरोजगार के साथ कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

