महिलाओं को मिली राहत और बच्चों को मिला पढ़ाई का समय
Central Samvad रायपुर, 5 जून 2026
महाराष्ट्र सीमा से सटे नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत पदमकोट में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करने वाला यह गांव आज घर-घर शुद्ध पेयजल की सुविधा से जुड़ चुका है।
सौर ऊर्जा से जलापूर्ति की व्यवस्था

दुर्गम और वनांचल क्षेत्र होने के बावजूद पदमकोट में जल जीवन मिशन के तहत करीब चार किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है। गांव में 10-10 हजार लीटर क्षमता की चार सोलर जल टंकियां बनाई गई हैं। इस व्यवस्था से पंचायत के सभी परिवारों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
महिलाओं और बच्चों को मिली बड़ी राहत

पहले गांव की महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब घरों तक पानी पहुंचने से उनका समय और श्रम बच रहा है। महिलाएं स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों से जुड़ रही हैं, जबकि बच्चे नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं।
स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार
शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने से डायरिया, पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों में कमी आई है। गांव में स्वच्छता का स्तर भी बेहतर हुआ है। पर्याप्त पानी मिलने से लोगों ने अपने घरों में किचन गार्डन विकसित किए हैं, जहां वे सब्जियां उगाकर परिवार की पोषण जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
विकास का प्रेरक मॉडल बना पदमकोट
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन ने केवल पानी की समस्या दूर नहीं की, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता भी बढ़ाई है। पदमकोट आज इस बात का उदाहरण बन गया है कि सही योजना और प्रशासनिक प्रतिबद्धता से देश के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास पहुंचाया जा सकता है।

