Central Samvadनई दिल्ली, 27 जुलाई
लोकसभा में सोमवार को विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। दिन में कई बार स्थगन के बाद शाम पांच बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सदस्यों के विरोध के चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक-2026 पर चर्चा शुरू नहीं हो पाई।

कार्यवाही के दौरान पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेनेटी और बाद में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अपनी-अपनी सीटों पर लौटकर विधेयक पर चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा है और इसका उद्देश्य पेपर लीक तथा लोक परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाना है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की शक्ति विचार-विमर्श में निहित है और नारेबाजी के बजाय सार्थक चर्चा से ही बेहतर समाधान निकल सकता है।अध्यक्ष ने बताया कि विधेयक पर छह घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर सदन की सहमति से चर्चा का समय बढ़ाया भी जा सकता है, ताकि सभी सदस्य अपने सुझाव और विचार रख सकें। उन्होंने सभी दलों से सहमति बनाकर चर्चा आगे बढ़ाने की अपील की।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक है और इस पर बड़ी संख्या में संशोधन एवं चर्चा के नोटिस प्राप्त हुए हैं, जिससे स्पष्ट है कि कई सदस्य इस पर अपने विचार रखना चाहते हैं। उन्होंने विपक्ष पर महत्वपूर्ण विधेयकों में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सदस्य चर्चा के इच्छुक हैं तो सदन में व्यवधान उत्पन्न करना उचित नहीं है। उन्होंने सभी दलों से लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करते हुए चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया।
हालांकि, अध्यक्ष की बार-बार की अपील के बावजूद विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इसके चलते सदन की कार्यवाही पहले शाम पांच बजे तक और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इस कारण लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक-2026 पर चर्चा नहीं हो सकी।

