Central Samvadरायपुर, 30 जुलाई 2026
महानदी जल बंटवारे से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में गुरुवार को नई दिल्ली के श्रमशक्ति भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी किसी विवाद का विषय नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा की साझा समृद्धि की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि नदी का जल किसानों, पेयजल, उद्योग, पर्यावरण और भविष्य की पीढ़ियों के हितों से जुड़ा है, इसलिए इसका समाधान आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के आधार पर होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस बैठक को विवाद की निरंतरता नहीं, बल्कि समाधान की नई शुरुआत मानती है। उन्होंने दोनों राज्यों के हितों को परस्पर पूरक बताते हुए सुझाव दिया कि उपलब्ध जल की वैज्ञानिक समीक्षा के आधार पर साझा जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाए।

साथ ही कम वर्षा वाले वर्षों के लिए विशेष रणनीति और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी संस्थागत तंत्र तैयार करने पर भी जोर दिया।उन्होंने प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर अधिकतम मुद्दों का समाधान आपसी समन्वय से करने तथा केवल नीतिगत विषयों को मंत्रिस्तरीय स्तर पर लाने का सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग से निष्पक्ष तकनीकी सहयोग, समयबद्ध कार्ययोजना और दीर्घकालिक सहमति आधारित समझौते की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारी संघवाद की भावना को वर्षों पुराने जटिल मुद्दों के समाधान के लिए सकारात्मक बताया। बैठक में दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

