Central Samvad रायपुर 12 सितंबर 2026
छत्तीसगढ़ में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए मत्स्य पालन विभाग तथा आईसीएआर-सीआईएफआरआई बैरकपुर के संयुक्त तत्वावधान में रायपुर में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में तालाब और केज कल्चर से जुड़े किसानों को मछलियों में होने वाली बीमारियों की जल्द पहचान, रोकथाम और वैज्ञानिक उपचार की जानकारी दी गई।आईसीएआर-सीआईएफआरआई के वैज्ञानिक डॉ. असित कुमार बेरा और सोहिनी चटर्जी ने किसानों को मछली रोगों के लक्षण और उनके प्रभावी प्रबंधन के बारे में तकनीकी मार्गदर्शन दिया।

कार्यशाला में विभिन्न जिलों से 50-60 केज कल्चर किसान और 50-60 पारंपरिक मत्स्य पालक तथा मत्स्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।कार्यशाला में फील्ड स्तर पर मछली रोगों की त्वरित जांच, मैदानी कर्मचारियों को रोग रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण और जलाशयों व मछलियों के स्वास्थ्य का डेटाबेस तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक और एकीकृत प्रबंधन से राज्य में मत्स्य उत्पादन को नई दिशा दी जा सकती है।

