Central Samvad 15जुलाई, रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन आज सदन में नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई का मुद्दा जोर-शोर से गूंजा। इस मुद्दे पर विपक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव पेश किया गया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि नकटी गांव में जिन 85 घरों को तोड़ा गया है, उनमें से कई घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने थे।

वहीं, विपक्षी सदस्यों ने कहा कि घरों को तोड़ने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था होनी चाहिए।जवाब में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन में स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से वैधानिक है। उन्होंने बताया कि पहले अतिक्रमण की शिकायत की गई थी, जिसकी जांच अतिरिक्त तहसीलदार ने की। अवैध कब्जा पाए जाने पर उसे हटाने का आदेश वर्ष 2025 में पारित किया गया।

उसके बाद 28 जून को बेदखली की कार्रवाई की गई। मंत्री ने बताया कि इस कार्रवाई से प्रभावित लोगों को प्रशासन ने नवा रायपुर में फ्लैट दिया। इसके साथ ही अतिक्रमणकारियों का पुनर्वास भी किया गया।राजस्व मंत्री का वक्तव्य सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इससे नाराज विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंचे। इसके बाद विधानसभा के नियमों के अनुसार सभी विधायक स्वतः निलंबित हो गए। एमएम

