Central Samvad, 2 जुलाई 2026
केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना 2026 को अधिसूचित कर दिया है। यह नई योजना 29 जून 2026 से पूरे देश में लागू हो गई है। इसके साथ ही वर्ष 1952 की कर्मचारी भविष्य निधि योजना का स्थान नई ईपीएफ योजना 2026 ने ले लिया है।सरकार के अनुसार, नई योजना का उद्देश्य डिजिटल अनुपालन को बढ़ावा देना, प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, खातों के स्थानांतरण को आसान करना और भविष्य निधि व्यवस्था को नए श्रम कानूनों के अनुरूप बनाना है।

नई व्यवस्था में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अनिवार्य ईपीएफ अंशदान वेतन का 12 प्रतिशत ही रहेगा। वहीं, जिन प्रतिष्ठानों पर पहले से 10 प्रतिशत अंशदान की व्यवस्था लागू है, वहां यह दर यथावत रहेगी।योजना में आंशिक निकासी के नियमों को भी अद्यतन किया गया है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग, ऑनलाइन दावे, ई-पासबुक और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) से खातों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि भविष्य निधि प्रबंधन अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाया जा सके।

