24 जून 2026।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक बाघिन की लगातार मौजूदगी दर्ज होने से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। रिजर्व के विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए कैमरा ट्रैप में बाघिन की तस्वीरें और वीडियो लगातार कैद हुए हैं। वन विभाग के अनुसार बाघिन प्राकृतिक रूप से इस क्षेत्र तक पहुंची है और यहां स्थायी रूप से बसने की संभावना दिखाई दे रही है।
वन विभाग का मानना है कि यह उपलब्धि राज्य सरकार द्वारा वन्यजीव संरक्षण और आवास सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। विशेषज्ञों के अनुसार किसी बाघ या बाघिन का किसी वन क्षेत्र को निवास के लिए चुनना वहां पर्याप्त शिकार, सुरक्षित वातावरण और बेहतर आवास उपलब्ध होने का संकेत होता है।

अधिकारियों के मुताबिक कैमरा ट्रैप में कैद बाघिन स्वस्थ दिखाई दे रही है और उसकी गतिविधियां क्षेत्र में अपना प्रभाव क्षेत्र स्थापित करने की ओर इशारा करती हैं। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो उदंती-सीतानदी एक बार फिर बाघों की स्थायी मौजूदगी वाला महत्वपूर्ण आवास बन सकता है।पिछले वर्षों में रिजर्व में सघन गश्त, एंटी-पोचिंग नेटवर्क को मजबूत करने, कृत्रिम जलस्रोत विकसित करने, क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों के पुनर्स्थापन और अतिक्रमण हटाने जैसे कई संरक्षण कार्य किए गए हैं।

वन विभाग इन प्रयासों को बाघिन की मौजूदगी का प्रमुख कारण मान रहा है।बाघिन की सुरक्षा और उसके लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए निगरानी और संरक्षण गतिविधियों को और मजबूत किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

