Central Samvad रायपुर 24जून
।राज्य में डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस के बढ़ते विस्तार के बीच नागरिकों के डेटा और डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रायपुर में “Strengthening Cyber Security Frameworks for State Data” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा CHiPS द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के 120 से अधिक अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ शामिल हुए।कार्यशाला में डिजिटल गवर्नेंस को सुरक्षित, विश्वसनीय और साइबर खतरों से संरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

विभाग के सचिव श्री अंकित आनन्द ने कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सुशासन और जनविश्वास का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार डिजिटल परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए व्यापक साइबर सुरक्षा रोडमैप तैयार कर रही है। कार्यशाला में डेटा सेंटर सुरक्षा, नेटवर्क सुरक्षा, सुरक्षा संचालन केंद्र (SOC), जीरो ट्रस्ट आर्किटेक्चर, डेटा गवर्नेंस और साइबर जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act-2023), राष्ट्रीय और वैश्विक साइबर सुरक्षा मानकों तथा सरकारी डेटा सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों की जानकारी दी। समूह चर्चाओं के दौरान सुरक्षा ऑडिट, घटना प्रतिक्रिया तंत्र, जवाबदेही और क्षमता निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आए।कार्यशाला से प्राप्त अनुशंसाओं को राज्य की साइबर सुरक्षा कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा तथा चयनित सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर भी भेजा जाएगा।
कार्यक्रम के समापन पर सुरक्षित डिजिटल शासन और नागरिक डेटा संरक्षण के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया।

