Central Samvadरायपुर, 2 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आंध्र प्रदेश के तिरुपति से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के किसी भी गरीब परिवार को काम के अभाव में बेरोजगार नहीं रहने देना है।

योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों का रोजगार मिलेगा और अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। इससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव और विकसित भारत के निर्माण का अभियान है।

उन्होंने योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इसके साथ ही गंडईखुर्द योजना के तहत पहला स्वीकृत विकास कार्य प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायत बन गई।उन्होंने बताया कि योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं, जिनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रमुख हैं।

डबरी, चेकडैम, वर्षा जल संचयन, ग्रामीण सड़क, सामुदायिक पशु शेड, कोल्ड स्टोरेज, हाईमास्ट लाइट, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड जैसे कार्य भी योजना के तहत कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए केंद्र सरकार ने 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने इसे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि योजना से ग्रामीणों को अधिक रोजगार और बेहतर मजदूरी का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।इस अवसर पर योजना के प्रचार-प्रसार के लिए मानव श्रृंखला बनाकर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। साथ ही “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत उपमुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

