Central Samvadरायपुर, 6 जुलाई
छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले दो दिनों से रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजधानी रायपुर, भिलाई और अन्य शहरों के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कों और घरों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रायपुर के टाटीबंध सहित कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं। हालात का जायजा लेने के लिए रायपुर की महापौर मीनल चौबे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और अधिकारियों को कार्यालय छोड़कर फील्ड में रहकर जलनिकासी व राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए।महासमुंद जिले के गोपालपुरा एनीकट में मछली पकड़ने के दौरान एक युवक तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचा और युवक की तलाश जारी है।
वहीं कोरबा जिले के भैसामुड़ा गांव के पास जोगीनाला में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित पुलिया पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई।बलौदाबाजार जिले के अमेठी एनीकट के ऊपर लगभग तीन फीट पानी बहने से आसपास के दर्जनों गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया।
दूसरी ओर, बिलासपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई।भिलाई में लगातार बारिश के कारण सुपेला कोसा नाला, नेहरू नगर, राधिका नगर, तालपुरी और कैंप क्षेत्र की सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे यातायात प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के बगनई नदी में फंसे 14 मजदूरों को सुरक्षित बचाया गया

जिले के छुरा विकासखंड के वनांचल क्षेत्र स्थित बीजापाल गांव में निर्माणाधीन पुल पर कार्य कर रहे 14 मजदूर बगनई नदी के तेज बहाव के कारण बीच धारा में फंस गए। लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद मजदूरों के सामने जान बचाने का संकट खड़ा हो गया। स्थिति गंभीर होने पर सभी मजदूरों ने नदी किनारे मौजूद एक पेड़ पर चढ़कर पूरी रात गुजारी।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने 8 जिलों के लिए रेड अलर्ट, 15 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 6 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने तथा नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है।

