संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह तेल उद्योग क्षेत्र में ईरानी ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। यह हमला पिछले महीने लागू युद्धविराम के बाद UAE पर पहला बड़ा हमला माना जा रहा है।
इस घटना में तीन भारतीय नागरिकों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। UAE ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
वहीं, ईरान ने हमले में शामिल होने से इनकार किया है, लेकिन जलमार्ग में प्रवेश करने वाले जहाजों को लेकर चेतावनी दी है। इस बीच, अमरीका ने भी ईरान को सख्त चेतावनी दी है।हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में स्थिति फिर से संवेदनशील हो गई है।
प्र वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और भारत UAE के साथ एकजुटता से खड़ा है।

प्रधानमंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही को क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
विदेश मंत्रालय ने भी हमले की निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया और तत्काल संघर्ष समाप्त करने की अपील की है। मंत्रालय ने कहा कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थन करता है।
वहीं, मध्य पूर्व के कई देशों और क्षेत्रीय संगठनों ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

