
जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत कई राज्यों में मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) का काम शुरू हो गया है। इसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। यह काम 30 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे।
साथ ही, दिल्ली के MCD क्षेत्र, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में स्व-गणना (SE) की सुविधा भी शुरू हो गई है। यह ऑनलाइन सुविधा 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद इन राज्यों में 16 मई से 14 जून तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी।
बिहार में 2 मई से 31 मई 2026 तक घर-घर सर्वे किया जाएगा।
अब तक लगभग 82 लाख परिवारों ने स्व-गणना (SE) सुविधा का लाभ उठाया
इस बार जनगणना में पहली बार शुरू की गई स्व-गणना सुविधा को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। अब तक करीब 82 लाख परिवार इस सुविधा का इस्तेमाल कर चुके हैं।
जो लोग ऑनलाइन स्व-गणना कर चुके हैं, उनसे कहा गया है कि वे अपनी SE ID संभालकर रखें और प्रगणक के आने पर उसे दिखाएं। जिन परिवारों ने यह सुविधा नहीं ली है, उनके यहां प्रगणक खुद जाकर जानकारी लेंगे।
इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से भी की जा रही है, लेकिन घर-घर जाकर जानकारी लेने की पुरानी व्यवस्था भी जारी रहेगी। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे, जिससे काम ज्यादा सही और जल्दी होगा।
मकानसूचीकरण के दौरान 33 सवालों के जरिए घर, परिवार और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। यह आगे होने वाली जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगा।
अभी तेलंगाना और पंजाब में भी स्व-गणना चल रही है। वहीं कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मकानसूचीकरण का काम पहले से जारी है।
सरकार ने साफ किया है कि जनगणना के सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रहेंगे और उनका इस्तेमाल सिर्फ योजना बनाने और विकास के कामों के लिए किया जाएगा।
लोगों से अपील की गई है कि वे प्रगणकों को पूरा सहयोग दें और इस राष्ट्रीय अभियान में हिस्सा लें।

