Central Samvad रायपुर, 10 जून 2026
छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार तकनीक आधारित निगरानी, बेहतर चालक प्रशिक्षण और यातायात नियमों के सख्त पालन पर जोर दे रही है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि जनवरी से मई 2026 के दौरान प्रदेश में 31 हजार 604 वाहनों की फिटनेस जांच की गई है। वहीं एएनपीआर कैमरों और अन्य तकनीकी निगरानी प्रणालियों की मदद से 61 हजार से अधिक चालान जारी किए गए हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क इंजीनियरिंग, नियमों के पालन और जनजागरूकता पर समान रूप से काम करने की जरूरत है।उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सड़क हादसों में होने वाली जनहानि को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से यातायात नियमों का पालन और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए तकनीक, प्रशिक्षण, जागरूकता और प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में 174 एएनपीआर कैमरे और सात लिडार आधारित स्पीड कैमरे लगाए गए हैं। वहीं अब तक 2.68 लाख से अधिक वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जा चुके हैं। यातायात नियमों के उल्लंघन पर जनवरी से अप्रैल 2026 तक 2.86 लाख वाहनों से 62.21 करोड़ रुपये का शमन शुल्क भी वसूला गया है।सरकार का लक्ष्य आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी के माध्यम से प्रदेश में सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत करना है।

