Central Samvad 11जून रायपुर
भूविज्ञान, खनन और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एनआईटी रायपुर और गुजरात मिनरल रिसर्च इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी सोसायटी (जीएमआरआईसीएस/जीएमडीसी) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता पांच वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा।इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थान भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण, खनन अभियांत्रिकी, खनिज प्रसंस्करण और क्रिटिकल मिनरल्स पर संयुक्त शोध एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करेंगे। विद्यार्थियों को औद्योगिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और फील्ड रिसर्च के अवसर मिलेंगे, जबकि वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को दोनों संस्थानों की प्रयोगशाला एवं अनुसंधान सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

सहयोग का विशेष फोकस देश के रणनीतिक महत्व वाले क्रिटिकल मिनरल्स पर अनुसंधान और विकास होगा। यह पहल उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ खनिज संसाधनों के सतत विकास और कौशल निर्माण को बढ़ावा देगी।
प्रो. एन. वी. रमना राव, निदेशक, एनआईटी रायपुर ने इस अवसर पर कहा कि यह समझौता विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं संकाय सदस्यों के लिए उद्योग-शैक्षणिक सहयोग का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा तथा खनिज एवं भूविज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।डॉ. डी. के. सिन्हा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जीएमआरआईसीएस/जीएमडीसी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास तथा क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

