Central Samvadरायपुर, 04 सितंबर 2026
जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के क्षेत्र में सूरजपुर जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में सूरजपुर को देश में चौथा और छत्तीसगढ़ में पहला स्थान मिला है।

नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर मॉडल की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जल संरक्षण को सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखकर किसान, ग्राम पंचायत, जल सखी और जल मित्रों की भागीदारी से जनअभियान बनाया गया है।अभियान के तहत जिले में अमृत सरोवर, तालाब गहरीकरण, फार्म पॉन्ड, रिचार्ज पिट, कंटूर ट्रेंच और गेबियन चेक डैम सहित 5,429 जल संरचनाएं बनाई गई हैं।

इनकी कुल जल भराव क्षमता 94.89 लाख घन मीटर है। इससे सिंचित रकबे में 5,608.26 हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। जल संरचनाओं की जियो-टैगिंग और नियमित समीक्षा भी की जा रही है।कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि जल संरक्षण हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

ग्रामीणों और किसानों ने भूमि उपलब्ध कराने के साथ श्रमदान कर अभियान में योगदान दिया। जिला प्रशासन के अनुसार ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से पंचायत स्तर पर जल सुरक्षा और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

