Central Samvad रायपुर, 11 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के बस्तर में जैविक वनोपज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत गठित माँ दंतेश्वरी महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड को वनोपज के लिए राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) का प्रमाणपत्र मिला है।

यह प्रदेश में मिशन के तहत गठित वनोपज के लिए यह प्रमाणन प्राप्त करने वाली पहली महिला किसान उत्पादक कंपनी है।उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने इस उपलब्धि पर कंपनी से जुड़ी महिलाओं और बिहान की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जैविक प्रमाणन से बस्तर की महिलाओं के पारंपरिक ज्ञान और मेहनत को पहचान मिलेगी।

साथ ही वनोपज के बेहतर मूल्य, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन के माध्यम से रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।वर्ष 2023 में गठित इस कंपनी से 1,080 महिला शेयरधारक जुड़ी हैं। इसके अलावा 60 उत्पादक समूहों की 2,100 वनोपज संग्राहक महिलाएं भी इससे लाभान्वित हो रही हैं। कंपनी पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर चुकी है।

इस वर्ष अब तक 50 लाख रुपये से अधिक के वनोपज की खरीदी की जा चुकी है।कंपनी ने स्थानीय उत्पादों को बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए ‘दण्डक ब्रांड’ शुरू किया है। दंतेवाड़ा में इसके विशेष बिक्री केंद्र का भी शुभारंभ किया गया है। इस ब्रांड के अंतर्गत महुआ, इमली, अमचूर, नीम फूल, एचएमटी चावल, लाल चूड़ी चावल, कोदो, कुटकी और रागी सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

कंपनी की अध्यक्ष विमला ठाकुर ने कहा कि पहले वनोपज की बिक्री मुख्य रूप से स्थानीय बाजारों में होती थी, जिससे अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता था। अब जैविक प्रमाणन और दण्डक ब्रांड के माध्यम से उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की उम्मीद है। इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ने और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है।
जैविक प्रमाणन से निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पादों की बिक्री और निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यह पहल बस्तर की प्राकृतिक संपदा को नई पहचान देने के साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकती है। एमएम

